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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-07-29

ऋषिकेश पंचांग — 29 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · बुधवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 08:05 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 3तक 03:37 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगप्रीतितक 11:57 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:15 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:34 AM
सूर्यास्त07:13 PM
चन्द्रोदय07:20 PM
चन्द्रास्त04:55 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:58 AM – 04:46 AM
अमृत काल08:10 AM – 09:55 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:23 PM – 02:05 PM
गुलिक काल10:41 AM – 12:23 PM
यमगण्ड07:16 AM – 08:58 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:50 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:12 AM – 10:07 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:34 AM – 07:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:16 AM – 08:58 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:58 AM – 10:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:41 AM – 12:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:23 PM – 02:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:05 PM – 03:48 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:48 PM – 05:30 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:30 PM – 07:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:13 PM – 08:30 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:30 PM – 09:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:48 PM – 11:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:05 PM – 12:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:23 AM – 01:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:41 AM – 02:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:58 AM – 04:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:16 AM – 05:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle