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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-07-27

ऋषिकेश पंचांग — 27 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, मूल नक्षत्र · सोमवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:32 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 04:15 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रमूल · पाद 4तक 10:28 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 10:55 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 04:15 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:32 AM
सूर्यास्त07:14 PM
चन्द्रोदय06:00 PM
चन्द्रास्त03:00 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:56 AM – 04:44 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:14 AM – 08:57 AM
गुलिक काल02:05 PM – 03:48 PM
यमगण्ड10:40 AM – 12:23 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:50 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:34 PM – 04:29 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:32 AM – 07:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:14 AM – 08:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:57 AM – 10:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:40 AM – 12:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:23 PM – 02:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:05 PM – 03:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:48 PM – 05:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:31 PM – 07:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:14 PM – 08:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:31 PM – 09:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:48 PM – 11:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:05 PM – 12:23 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:23 AM – 01:40 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:40 AM – 02:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:57 AM – 04:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:14 AM – 05:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle