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VedicSpaceपंचांगसैन फ्रांसिस्को › 2027-09-14

सैन फ्रांसिस्को पंचांग — 14 सितम्बर 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · मङ्गलवार · कैलिफ़ोर्निया (37.7749°, -122.4194°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सैन फ्रांसिस्को (37.7749°, -122.4194°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 02:18 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 2तक 11:03 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगधृतितक 08:42 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 02:18 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:50 AM
सूर्यास्त07:19 PM
चन्द्रोदय06:43 PM
चन्द्रास्त05:34 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:39 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:14 AM – 06:02 AM
अमृत काल03:56 PM – 05:42 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:11 PM – 05:45 PM
गुलिक काल01:04 PM – 02:38 PM
यमगण्ड09:57 AM – 11:30 AM
वर्ज्यम्05:20 AM – 07:06 AM
दुर्मुहूर्त11:49 AM – 12:39 PM
दुर्मुहूर्त03:09 PM – 03:59 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:50 AM – 08:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:23 AM – 09:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:57 AM – 11:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:30 AM – 01:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:04 PM – 02:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:38 PM – 04:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:11 PM – 05:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:45 PM – 07:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:19 PM – 08:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:45 PM – 10:11 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:11 PM – 11:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:38 PM – 01:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:04 AM – 02:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:30 AM – 03:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:57 AM – 05:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:23 AM – 06:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle