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सिंगापुर पंचांग — 28 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शुक्रवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 12:18 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 1तक 05:43 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगअतिगण्डतक 09:57 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 12:18 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:02 AM
सूर्यास्त07:10 PM
चन्द्रोदय07:22 PM
चन्द्रास्त06:51 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:41 PM – 01:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:26 AM – 06:14 AM
अमृत काल11:16 PM – 12:56 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:35 AM – 01:06 PM
गुलिक काल08:33 AM – 10:04 AM
यमगण्ड04:08 PM – 05:39 PM
वर्ज्यम्01:17 PM – 02:57 PM
दुर्मुहूर्त11:53 AM – 12:41 PM
दुर्मुहूर्त03:07 PM – 03:55 PM

दिन चौघड़िया

चर07:02 AM – 08:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:33 AM – 10:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:04 AM – 11:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:35 AM – 01:06 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:06 PM – 02:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:37 PM – 04:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:08 PM – 05:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:39 PM – 07:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:10 PM – 08:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:39 PM – 10:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:08 PM – 11:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:37 PM – 01:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:06 AM – 02:35 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:35 AM – 04:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:04 AM – 05:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:33 AM – 07:02 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle