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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-08-29

सिंगापुर पंचांग — 29 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 12:27 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 1तक 06:12 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसुकर्मातक 09:06 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 12:27 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त07:10 PM
चन्द्रोदय08:05 PM
चन्द्रास्त07:35 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:41 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:25 AM – 06:13 AM
अमृत काल11:03 PM – 12:41 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:03 AM – 11:34 AM
गुलिक काल07:01 AM – 08:32 AM
यमगण्ड02:36 PM – 04:07 PM
वर्ज्यम्01:16 PM – 02:54 PM
दुर्मुहूर्त10:15 AM – 11:04 AM
दुर्मुहूर्त03:07 PM – 03:55 PM

दिन चौघड़िया

काल07:01 AM – 08:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:32 AM – 10:03 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:03 AM – 11:34 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:34 AM – 01:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:05 PM – 02:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:36 PM – 04:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:07 PM – 05:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:38 PM – 07:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:10 PM – 08:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:38 PM – 10:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:07 PM – 11:36 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:36 PM – 01:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:05 AM – 02:34 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:34 AM – 04:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:03 AM – 05:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:32 AM – 07:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle