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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2025-12-04

सिंगापुर पंचांग — 4 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · गुरुवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 11:08 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 2तक 05:24 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशिवतक 03:04 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 11:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:53 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय06:20 PM
चन्द्रास्त05:44 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:30 PM – 01:19 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:17 AM – 06:05 AM
अमृत काल04:12 PM – 05:35 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:25 PM – 03:56 PM
गुलिक काल09:54 AM – 11:24 AM
यमगण्ड06:53 AM – 08:23 AM
वर्ज्यम्07:51 AM – 09:14 AM
दुर्मुहूर्त02:07 PM – 02:55 PM
दुर्मुहूर्त05:20 PM – 06:08 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:53 AM – 08:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:23 AM – 09:54 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:54 AM – 11:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:24 AM – 12:55 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:55 PM – 02:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:25 PM – 03:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:56 PM – 05:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:26 PM – 06:57 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:57 PM – 08:26 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:26 PM – 09:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:56 PM – 11:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:25 PM – 12:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:55 AM – 02:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:24 AM – 03:54 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:54 AM – 05:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:23 AM – 06:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle