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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2025-12-16

सिंगापुर पंचांग — 16 दिसम्बर 2025

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · मङ्गलवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 02:27 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 04:39 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगअतिगण्डतक 03:53 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 01:08 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:59 AM
सूर्यास्त07:02 PM
चन्द्रोदय03:48 AM
चन्द्रास्त03:58 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:36 PM – 01:24 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:23 AM – 06:11 AM
अमृत काल07:43 AM – 09:32 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:01 PM – 05:31 PM
गुलिक काल01:00 PM – 02:30 PM
यमगण्ड09:59 AM – 11:30 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:48 AM – 12:36 PM
दुर्मुहूर्त03:01 PM – 03:49 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:59 AM – 08:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:29 AM – 09:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:59 AM – 11:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:30 AM – 01:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:00 PM – 02:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:30 PM – 04:01 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:01 PM – 05:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:31 PM – 07:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:02 PM – 08:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:31 PM – 10:01 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:01 PM – 11:30 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:30 PM – 01:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:00 AM – 02:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:30 AM – 03:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:59 AM – 05:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:29 AM – 06:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle