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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-06-25

सिंगापुर पंचांग — 25 जून 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · गुरुवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 10:39 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 06:59 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशिवतक 01:23 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 09:38 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त07:14 PM
चन्द्रोदय03:31 PM
चन्द्रास्त02:56 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:43 PM – 01:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:25 AM – 06:13 AM
अमृत काल10:15 AM – 12:01 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:39 PM – 04:10 PM
गुलिक काल10:04 AM – 11:35 AM
यमगण्ड07:01 AM – 08:32 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:20 PM – 03:09 PM
दुर्मुहूर्त05:36 PM – 06:25 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:01 AM – 08:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:32 AM – 10:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:04 AM – 11:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:35 AM – 01:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:07 PM – 02:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:39 PM – 04:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:10 PM – 05:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:42 PM – 07:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:14 PM – 08:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:42 PM – 10:10 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:10 PM – 11:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:39 PM – 01:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:07 AM – 02:35 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:35 AM – 04:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:04 AM – 05:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:32 AM – 07:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle