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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-07-11

सिंगापुर पंचांग — 11 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · शनिवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:04 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 07:53 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 3तक 01:33 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशूलतक 06:20 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 07:53 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:04 AM
सूर्यास्त07:16 PM
चन्द्रोदय03:30 AM
चन्द्रास्त03:57 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:45 PM – 01:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:28 AM – 06:16 AM
अमृत काल12:27 PM – 01:54 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:07 AM – 11:38 AM
गुलिक काल07:04 AM – 08:35 AM
यमगण्ड02:41 PM – 04:13 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:19 AM – 11:08 AM
दुर्मुहूर्त03:12 PM – 04:00 PM

दिन चौघड़िया

काल07:04 AM – 08:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:35 AM – 10:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:07 AM – 11:38 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:38 AM – 01:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:10 PM – 02:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:41 PM – 04:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:13 PM – 05:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:44 PM – 07:16 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:16 PM – 08:44 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:44 PM – 10:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:13 PM – 11:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:41 PM – 01:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:10 AM – 02:38 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:38 AM – 04:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:07 AM – 05:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:35 AM – 07:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle