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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-09-07

सिंगापुर पंचांग — 7 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · सोमवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 07:34 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 2तक 08:44 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्यतीपाततक 09:11 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 08:47 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:59 AM
सूर्यास्त07:07 PM
चन्द्रोदय03:19 AM
चन्द्रास्त03:46 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:23 AM – 06:11 AM
अमृत काल07:29 PM – 08:58 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:30 AM – 10:01 AM
गुलिक काल02:34 PM – 04:05 PM
यमगण्ड11:32 AM – 01:03 PM
वर्ज्यम्10:32 AM – 12:01 PM
अभिजित मुहूर्त12:38 PM – 01:27 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:52 PM – 04:41 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:59 AM – 08:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:30 AM – 10:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:01 AM – 11:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:32 AM – 01:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:03 PM – 02:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:34 PM – 04:05 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:05 PM – 05:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:36 PM – 07:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:07 PM – 08:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:36 PM – 10:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:05 PM – 11:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:34 PM – 01:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:03 AM – 02:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:32 AM – 04:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:01 AM – 05:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:30 AM – 06:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle