VedicSpace › पंचांग › सिंगापुर › 2026-10-03
कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शनिवार · (1.3521°, 103.8198°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष सप्तमी | तक 10:30 AM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | आर्द्रा · पाद 1 | तक 03:59 AM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | वरीयान् | तक 05:51 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 10:30 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:51 AM |
| सूर्यास्त | 06:57 PM |
| चन्द्रोदय | 12:11 AM |
| चन्द्रास्त | 12:39 PM |
| चन्द्र राशि | मिथुन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:29 PM – 01:18 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:15 AM – 06:03 AM |
| अमृत काल | 07:26 PM – 08:56 PM |
| राहु काल | 09:52 AM – 11:23 AM |
| गुलिक काल | 06:51 AM – 08:21 AM |
| यमगण्ड | 02:24 PM – 03:55 PM |
| वर्ज्यम् | 10:24 AM – 11:54 AM |
| दुर्मुहूर्त | 10:04 AM – 10:53 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:55 PM – 03:43 PM |
| काल | 06:51 AM – 08:21 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:21 AM – 09:52 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:52 AM – 11:23 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:23 AM – 12:54 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:54 PM – 02:24 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:24 PM – 03:55 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:55 PM – 05:26 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:26 PM – 06:57 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:57 PM – 08:26 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:26 PM – 09:55 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:55 PM – 11:24 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:24 PM – 12:54 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:54 AM – 02:23 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:23 AM – 03:52 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:52 AM – 05:21 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:21 AM – 06:51 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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