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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-10-18

सिंगापुर पंचांग — 18 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 10:58 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 3तक 03:19 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसुकर्मातक 02:26 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 10:58 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त06:53 PM
चन्द्रोदय12:52 PM
चन्द्रास्त12:13 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:11 AM – 05:59 AM
अमृत काल10:42 AM – 12:30 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:22 PM – 06:53 PM
गुलिक काल03:51 PM – 05:22 PM
यमगण्ड12:50 PM – 02:20 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:16 PM – 06:04 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:47 AM – 08:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:17 AM – 09:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:48 AM – 11:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:19 AM – 12:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:50 PM – 02:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:20 PM – 03:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:51 PM – 05:22 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:22 PM – 06:53 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:53 PM – 08:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:22 PM – 09:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:51 PM – 11:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:20 PM – 12:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:50 AM – 02:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:19 AM – 03:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:48 AM – 05:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:17 AM – 06:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle