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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-10-23

सिंगापुर पंचांग — 23 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 05:06 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 2तक 11:33 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 12:38 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 05:06 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त06:52 PM
चन्द्रोदय04:35 PM
चन्द्रास्त04:04 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:13 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:11 AM – 05:59 AM
अमृत काल04:17 PM – 05:54 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:18 AM – 12:49 PM
गुलिक काल08:17 AM – 09:48 AM
यमगण्ड03:50 PM – 05:21 PM
वर्ज्यम्06:38 AM – 08:15 AM
दुर्मुहूर्त11:37 AM – 12:25 PM
दुर्मुहूर्त02:50 PM – 03:38 PM

दिन चौघड़िया

चर06:47 AM – 08:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:17 AM – 09:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:48 AM – 11:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:18 AM – 12:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:49 PM – 02:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:20 PM – 03:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:50 PM – 05:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:21 PM – 06:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:52 PM – 08:21 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:21 PM – 09:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:50 PM – 11:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:20 PM – 12:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:49 AM – 02:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:18 AM – 03:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:48 AM – 05:17 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:17 AM – 06:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle