VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-11-04

सिंगापुर पंचांग — 4 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · बुधवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 01:33 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 1तक 06:00 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगब्रह्मतक 10:31 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 01:33 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:46 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय02:45 AM
चन्द्रास्त03:01 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:10 AM – 05:58 AM
अमृत काल12:21 AM – 01:57 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:48 PM – 02:18 PM
गुलिक काल11:17 AM – 12:48 PM
यमगण्ड08:16 AM – 09:47 AM
वर्ज्यम्02:43 PM – 04:20 PM
अभिजित मुहूर्त12:23 PM – 01:12 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:59 AM – 10:47 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:46 AM – 08:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:16 AM – 09:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:47 AM – 11:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:17 AM – 12:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:48 PM – 02:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:18 PM – 03:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:49 PM – 05:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:19 PM – 06:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:50 PM – 08:19 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:19 PM – 09:49 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:49 PM – 11:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:18 PM – 12:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:48 AM – 02:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:17 AM – 03:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:47 AM – 05:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:16 AM – 06:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle