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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2026-11-29

सिंगापुर पंचांग — 29 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · रविवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 06:27 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुष्य · पाद 3तक 01:29 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगब्रह्मतक 07:38 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 06:27 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:51 AM
सूर्यास्त06:55 PM
चन्द्रोदय11:52 PM
चन्द्रास्त11:20 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:28 PM – 01:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:15 AM – 06:03 AM
अमृत काल08:23 AM – 09:52 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:24 PM – 06:55 PM
गुलिक काल03:54 PM – 05:24 PM
यमगण्ड12:53 PM – 02:23 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:18 PM – 06:06 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:51 AM – 08:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:21 AM – 09:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:52 AM – 11:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:22 AM – 12:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:53 PM – 02:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:23 PM – 03:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:54 PM – 05:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:24 PM – 06:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:55 PM – 08:24 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:24 PM – 09:54 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:54 PM – 11:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:23 PM – 12:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:53 AM – 02:22 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:22 AM – 03:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:52 AM – 05:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:21 AM – 06:51 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle