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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-01-21

सिंगापुर पंचांग — 21 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · गुरुवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 12:00 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 3तक 03:54 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 08:38 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 01:52 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त07:18 PM
चन्द्रोदय06:14 PM
चन्द्रास्त05:37 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:51 PM – 01:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:38 AM – 06:26 AM
अमृत काल08:21 AM – 09:45 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:46 PM – 04:17 PM
गुलिक काल10:15 AM – 11:45 AM
यमगण्ड07:14 AM – 08:44 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:28 PM – 03:16 PM
दुर्मुहूर्त05:41 PM – 06:29 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:14 AM – 08:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:44 AM – 10:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:15 AM – 11:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:45 AM – 01:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:16 PM – 02:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:46 PM – 04:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:17 PM – 05:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:47 PM – 07:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:18 PM – 08:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:47 PM – 10:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:17 PM – 11:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:46 PM – 01:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:16 AM – 02:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:45 AM – 04:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:15 AM – 05:44 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:44 AM – 07:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle