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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-01-25

सिंगापुर पंचांग — 25 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · सोमवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 10:40 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 1तक 03:33 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशोभनतक 01:24 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:40 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:15 AM
सूर्यास्त07:19 PM
चन्द्रोदय10:01 PM
चन्द्रास्त09:29 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:39 AM – 06:27 AM
अमृत काल10:50 PM – 12:19 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:45 AM – 10:16 AM
गुलिक काल02:47 PM – 04:18 PM
यमगण्ड11:46 AM – 01:17 PM
वर्ज्यम्01:53 PM – 03:22 PM
अभिजित मुहूर्त12:52 PM – 01:41 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:05 PM – 04:54 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:15 AM – 08:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:45 AM – 10:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:16 AM – 11:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:46 AM – 01:17 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:17 PM – 02:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:47 PM – 04:18 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:18 PM – 05:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:48 PM – 07:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:19 PM – 08:48 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:48 PM – 10:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:18 PM – 11:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:47 PM – 01:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:17 AM – 02:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:46 AM – 04:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:16 AM – 05:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:45 AM – 07:15 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle