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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-02-08

सिंगापुर पंचांग — 8 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, शतभिषा नक्षत्र · सोमवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 03:36 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 1तक 04:27 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगपरिघतक 12:21 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 02:50 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:17 AM
सूर्यास्त07:21 PM
चन्द्रोदय08:19 AM
चन्द्रास्त08:31 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:41 AM – 06:29 AM
अमृत काल09:54 PM – 11:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:47 AM – 10:18 AM
गुलिक काल02:49 PM – 04:20 PM
यमगण्ड11:48 AM – 01:19 PM
वर्ज्यम्11:27 AM – 01:12 PM
अभिजित मुहूर्त12:54 PM – 01:43 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:07 PM – 04:56 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:17 AM – 08:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:47 AM – 10:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:18 AM – 11:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:48 AM – 01:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:19 PM – 02:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:49 PM – 04:20 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:20 PM – 05:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:50 PM – 07:21 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:21 PM – 08:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:50 PM – 10:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:20 PM – 11:49 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:49 PM – 01:19 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:19 AM – 02:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:48 AM – 04:18 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:18 AM – 05:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:47 AM – 07:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle