VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-03-06

सिंगापुर पंचांग — 6 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, श्रवण नक्षत्र · शनिवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 02:34 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रश्रवण · पाद 4तक 06:50 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशिवतक 05:35 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 02:34 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:13 AM
सूर्यास्त07:19 PM
चन्द्रोदय05:34 AM
चन्द्रास्त05:45 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:51 PM – 01:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:37 AM – 06:25 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:14 AM – 11:45 AM
गुलिक काल07:13 AM – 08:43 AM
यमगण्ड02:46 PM – 04:17 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:26 AM – 11:15 AM
दुर्मुहूर्त03:17 PM – 04:05 PM

दिन चौघड़िया

काल07:13 AM – 08:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:43 AM – 10:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:14 AM – 11:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:45 AM – 01:16 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:16 PM – 02:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:46 PM – 04:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:17 PM – 05:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:48 PM – 07:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:19 PM – 08:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:48 PM – 10:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:17 PM – 11:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:46 PM – 01:16 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:16 AM – 02:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:45 AM – 04:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:14 AM – 05:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:43 AM – 07:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle