VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-04-01

सिंगापुर पंचांग — 1 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · गुरुवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 03:15 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 11:55 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशिवतक 11:22 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 02:03 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:05 AM
सूर्यास्त07:13 PM
चन्द्रोदय02:44 AM
चन्द्रास्त02:55 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:33 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:29 AM – 06:17 AM
अमृत काल05:48 AM – 07:36 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:40 PM – 04:11 PM
गुलिक काल10:07 AM – 11:38 AM
यमगण्ड07:05 AM – 08:36 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:21 PM – 03:10 PM
दुर्मुहूर्त05:35 PM – 06:24 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:05 AM – 08:36 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:36 AM – 10:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:07 AM – 11:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:38 AM – 01:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:09 PM – 02:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:40 PM – 04:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:11 PM – 05:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:42 PM – 07:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:13 PM – 08:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:42 PM – 10:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:11 PM – 11:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:40 PM – 01:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:09 AM – 02:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:38 AM – 04:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:07 AM – 05:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:36 AM – 07:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle