VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-04-13

सिंगापुर पंचांग — 13 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · मङ्गलवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 07:59 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 3तक 02:43 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगअतिगण्डतक 04:29 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 09:02 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त07:10 PM
चन्द्रोदय12:40 PM
चन्द्रास्त12:06 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:41 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:25 AM – 06:13 AM
अमृत काल06:18 AM – 07:48 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:07 PM – 05:38 PM
गुलिक काल01:05 PM – 02:36 PM
यमगण्ड10:03 AM – 11:34 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:52 AM – 12:41 PM
दुर्मुहूर्त03:07 PM – 03:55 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:01 AM – 08:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:32 AM – 10:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:03 AM – 11:34 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:34 AM – 01:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:05 PM – 02:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:36 PM – 04:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:07 PM – 05:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:38 PM – 07:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:10 PM – 08:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:38 PM – 10:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:07 PM – 11:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:36 PM – 01:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:05 AM – 02:34 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:34 AM – 04:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:03 AM – 05:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:32 AM – 07:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle