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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-04-17

सिंगापुर पंचांग — 17 अप्रैल 2027

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, मघा नक्षत्र · शनिवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:00 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 11:58 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 4तक 09:38 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 02:54 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 11:58 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:00 AM
सूर्यास्त07:09 PM
चन्द्रोदय04:16 PM
चन्द्रास्त03:45 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:40 PM – 01:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:24 AM – 06:12 AM
अमृत काल08:21 AM – 09:52 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:02 AM – 11:33 AM
गुलिक काल07:00 AM – 08:31 AM
यमगण्ड02:35 PM – 04:06 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:14 AM – 11:03 AM
दुर्मुहूर्त03:06 PM – 03:54 PM

दिन चौघड़िया

काल07:00 AM – 08:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:31 AM – 10:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:02 AM – 11:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:33 AM – 01:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:04 PM – 02:35 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:35 PM – 04:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:06 PM – 05:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:37 PM – 07:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:09 PM – 08:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:37 PM – 10:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:06 PM – 11:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:35 PM – 01:04 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:04 AM – 02:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:33 AM – 04:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:02 AM – 05:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:31 AM – 07:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle