VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-04-23

सिंगापुर पंचांग — 23 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · शुक्रवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 06:07 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रविशाखा · पाद 4तक 08:02 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगव्यतीपाततक 04:43 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 06:07 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:58 AM
सूर्यास्त07:08 PM
चन्द्रोदय09:12 PM
चन्द्रास्त08:32 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:38 PM – 01:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:22 AM – 06:10 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:31 AM – 01:03 PM
गुलिक काल08:29 AM – 10:00 AM
यमगण्ड04:05 PM – 05:36 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:50 AM – 12:38 PM
दुर्मुहूर्त03:04 PM – 03:53 PM

दिन चौघड़िया

चर06:58 AM – 08:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:29 AM – 10:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:00 AM – 11:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:31 AM – 01:03 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:03 PM – 02:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:34 PM – 04:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:05 PM – 05:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:36 PM – 07:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:08 PM – 08:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:36 PM – 10:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:05 PM – 11:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:34 PM – 01:03 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:03 AM – 02:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:31 AM – 04:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:00 AM – 05:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:29 AM – 06:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle