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VedicSpaceपंचांगसिंगापुर › 2027-06-02

सिंगापुर पंचांग — 2 जून 2027

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · (1.3521°, 103.8198°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिंगापुर (1.3521°, 103.8198°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 10:59 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 02:46 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशोभनतक 12:29 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:59 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त07:09 PM
चन्द्रोदय04:17 AM
चन्द्रास्त04:38 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:21 AM – 06:09 AM
अमृत काल08:46 AM – 10:18 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:03 PM – 02:34 PM
गुलिक काल11:31 AM – 01:03 PM
यमगण्ड08:28 AM – 10:00 AM
वर्ज्यम्11:51 AM – 01:24 PM
अभिजित मुहूर्त12:38 PM – 01:27 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:12 AM – 11:01 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:57 AM – 08:28 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:28 AM – 10:00 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:00 AM – 11:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:31 AM – 01:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:03 PM – 02:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:34 PM – 04:06 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:06 PM – 05:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:37 PM – 07:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:09 PM – 08:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:37 PM – 10:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:06 PM – 11:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:34 PM – 01:03 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:03 AM – 02:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:31 AM – 04:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:00 AM – 05:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:28 AM – 06:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle