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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2026-12-19

श्रीनगर पंचांग — 19 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, रेवती नक्षत्र · शनिवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 10:09 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररेवती · पाद 3तक 03:58 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगवरीयान्तक 10:35 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:48 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:31 AM
सूर्यास्त05:25 PM
चन्द्रोदय01:25 PM
चन्द्रास्त01:58 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:55 AM – 06:43 AM
अमृत काल03:07 PM – 04:42 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:59 AM – 11:13 AM
गुलिक काल07:31 AM – 08:45 AM
यमगण्ड01:42 PM – 02:56 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:09 AM – 10:49 AM
दुर्मुहूर्त02:07 PM – 02:46 PM

दिन चौघड़िया

काल07:31 AM – 08:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:45 AM – 09:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:59 AM – 11:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:13 AM – 12:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:28 PM – 01:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:42 PM – 02:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:56 PM – 04:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:10 PM – 05:25 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:25 PM – 07:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:10 PM – 08:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:56 PM – 10:42 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:42 PM – 12:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:28 AM – 02:13 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:13 AM – 03:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:59 AM – 05:45 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:45 AM – 07:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle