VedicSpace › पंचांग › श्रीनगर › 2027-06-01
कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, रेवती नक्षत्र · मङ्गलवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष एकादशी | तक 09:40 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | रेवती · पाद 3 | तक 12:50 PM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | सौभाग्य | तक 12:22 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बालव | तक 09:40 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:20 AM |
| सूर्यास्त | 07:37 PM |
| चन्द्रोदय | 02:28 AM |
| चन्द्रास्त | 03:57 PM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:59 AM – 12:57 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:44 AM – 04:32 AM |
| अमृत काल | 09:46 AM – 11:22 AM |
| राहु काल | 04:02 PM – 05:49 PM |
| गुलिक काल | 12:28 PM – 02:15 PM |
| यमगण्ड | 08:54 AM – 10:41 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 11:02 AM – 11:59 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:51 PM – 03:48 PM |
| रोग | 05:20 AM – 07:07 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:07 AM – 08:54 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:54 AM – 10:41 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:41 AM – 12:28 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:28 PM – 02:15 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:15 PM – 04:02 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:02 PM – 05:49 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 05:49 PM – 07:37 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 07:37 PM – 08:49 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:49 PM – 10:02 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:02 PM – 11:15 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:15 PM – 12:28 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:28 AM – 01:41 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:41 AM – 02:54 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:54 AM – 04:07 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:07 AM – 05:20 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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