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VedicSpaceपंचांगश्रीनगर › 2027-06-02

श्रीनगर पंचांग — 2 जून 2027

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · बुधवार · जम्मू-कश्मीर (34.0837°, 74.7973°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना श्रीनगर (34.0837°, 74.7973°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 08:29 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 3तक 12:16 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशोभनतक 09:59 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 08:29 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:20 AM
सूर्यास्त07:38 PM
चन्द्रोदय03:01 AM
चन्द्रास्त05:04 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:44 AM – 04:32 AM
अमृत काल04:39 AM – 06:12 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:29 PM – 02:16 PM
गुलिक काल10:41 AM – 12:29 PM
यमगण्ड07:07 AM – 08:54 AM
वर्ज्यम्07:45 AM – 09:17 AM
अभिजित मुहूर्त12:00 PM – 12:57 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:08 AM – 10:06 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:20 AM – 07:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:07 AM – 08:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:54 AM – 10:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:41 AM – 12:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:29 PM – 02:16 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:16 PM – 04:03 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:03 PM – 05:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:50 PM – 07:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:38 PM – 08:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:50 PM – 10:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:03 PM – 11:16 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:16 PM – 12:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:29 AM – 01:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:41 AM – 02:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:54 AM – 04:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:07 AM – 05:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle