VedicSpace › पंचांग › सूरत › 2026-11-14
शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (21.1702°, 72.8311°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सूरत (21.1702°, 72.8311°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष पञ्चमी | तक 11:24 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | पूर्वाषाढ़ा · पाद 2 | तक 08:24 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | शूल | तक 06:22 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | बव | तक 10:03 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:48 AM |
| सूर्यास्त | 05:58 PM |
| चन्द्रोदय | 11:05 AM |
| चन्द्रास्त | 09:54 PM |
| चन्द्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 PM – 12:45 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:12 AM – 06:00 AM |
| अमृत काल | 03:46 PM – 05:35 PM |
| राहु काल | 09:35 AM – 10:59 AM |
| गुलिक काल | 06:48 AM – 08:11 AM |
| यमगण्ड | 01:46 PM – 03:10 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 09:46 AM – 10:31 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:14 PM – 02:59 PM |
| काल | 06:48 AM – 08:11 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:11 AM – 09:35 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:35 AM – 10:59 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:59 AM – 12:23 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:23 PM – 01:46 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:46 PM – 03:10 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:10 PM – 04:34 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:34 PM – 05:58 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:58 PM – 07:34 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:34 PM – 09:10 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:10 PM – 10:46 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:46 PM – 12:23 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:23 AM – 01:59 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:59 AM – 03:35 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:35 AM – 05:11 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:11 AM – 06:48 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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