VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2026-10-21

सिडनी पंचांग — 21 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · बुधवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 07:42 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 1तक 01:18 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशूलतक 06:20 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 07:06 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:07 AM
सूर्यास्त07:13 PM
चन्द्रोदय02:15 PM
चन्द्रास्त03:06 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:31 AM – 05:19 AM
अमृत काल02:17 PM – 04:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:40 PM – 02:18 PM
गुलिक काल11:01 AM – 12:40 PM
यमगण्ड07:45 AM – 09:23 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:13 PM – 01:06 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:36 AM – 10:29 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:07 AM – 07:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:45 AM – 09:23 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:23 AM – 11:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:01 AM – 12:40 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:40 PM – 02:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:18 PM – 03:56 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:56 PM – 05:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:34 PM – 07:13 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:13 PM – 08:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:34 PM – 09:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:56 PM – 11:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:18 PM – 12:40 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:40 AM – 02:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:01 AM – 03:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:23 AM – 04:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:45 AM – 06:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle