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VedicSpaceपंचांगसिडनी › 2027-02-11

सिडनी पंचांग — 11 फ़रवरी 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · गुरुवार · न्यू साउथ वेल्स (-33.8688°, 151.2093°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना सिडनी (-33.8688°, 151.2093°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 08:35 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 4तक 10:26 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसाध्यतक 01:50 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 08:35 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:26 AM
सूर्यास्त07:52 PM
चन्द्रोदय10:32 AM
चन्द्रास्त09:52 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:42 PM – 01:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:50 AM – 05:38 AM
अमृत काल05:51 AM – 07:31 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:49 PM – 04:30 PM
गुलिक काल09:47 AM – 11:28 AM
यमगण्ड06:26 AM – 08:06 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:29 PM – 03:23 PM
दुर्मुहूर्त06:04 PM – 06:58 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:26 AM – 08:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:06 AM – 09:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:47 AM – 11:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:28 AM – 01:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:09 PM – 02:49 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:49 PM – 04:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:30 PM – 06:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:11 PM – 07:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:52 PM – 09:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:11 PM – 10:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:30 PM – 11:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:49 PM – 01:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:09 AM – 02:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:28 AM – 03:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:47 AM – 05:06 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:06 AM – 06:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle