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VedicSpaceपंचांगठाणे › 2026-12-23

ठाणे पंचांग — 23 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, रोहिणी नक्षत्र · बुधवार · महाराष्ट्र (19.2183°, 72.9781°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ठाणे (19.2183°, 72.9781°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 10:47 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 4तक 07:56 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशुभतक 05:15 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 10:47 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:08 AM
सूर्यास्त06:07 PM
चन्द्रोदय05:24 PM
चन्द्रास्त06:07 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:32 AM – 06:20 AM
अमृत काल06:16 AM – 07:40 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:37 PM – 01:59 PM
गुलिक काल11:15 AM – 12:37 PM
यमगण्ड08:30 AM – 09:52 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:15 PM – 12:59 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:03 AM – 10:47 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:08 AM – 08:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:30 AM – 09:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:52 AM – 11:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:15 AM – 12:37 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:37 PM – 01:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:59 PM – 03:22 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:22 PM – 04:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:44 PM – 06:07 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:07 PM – 07:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:44 PM – 09:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:22 PM – 10:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:59 PM – 12:37 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:37 AM – 02:15 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:15 AM – 03:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:52 AM – 05:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:30 AM – 07:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle