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VedicSpaceपंचांगठाणे › 2026-12-26

ठाणे पंचांग — 26 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, पुष्य नक्षत्र · शनिवार · महाराष्ट्र (19.2183°, 72.9781°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ठाणे (19.2183°, 72.9781°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 08:05 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 2तक 08:13 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवैधृतितक 12:22 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणवणिजतक 09:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:09 AM
सूर्यास्त06:08 PM
चन्द्रोदय08:52 PM
चन्द्रास्त09:12 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:16 PM – 01:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:33 AM – 06:21 AM
अमृत काल03:38 PM – 05:04 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:53 AM – 11:16 AM
गुलिक काल07:09 AM – 08:31 AM
यमगण्ड02:00 PM – 03:23 PM
वर्ज्यम्07:04 AM – 08:29 AM
दुर्मुहूर्त10:04 AM – 10:48 AM
दुर्मुहूर्त02:28 PM – 03:12 PM

दिन चौघड़िया

काल07:09 AM – 08:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:31 AM – 09:53 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:53 AM – 11:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:16 AM – 12:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:38 PM – 02:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:00 PM – 03:23 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:23 PM – 04:45 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:45 PM – 06:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:08 PM – 07:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:45 PM – 09:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:23 PM – 11:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:00 PM – 12:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:38 AM – 02:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:16 AM – 03:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:53 AM – 05:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:31 AM – 07:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle