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VedicSpaceपंचांगतिरुपति › 2026-05-26

तिरुपति पंचांग — 26 मई 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, हस्त नक्षत्र · मङ्गलवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 06:22 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रहस्त · पाद 1तक 05:56 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगसिद्धितक 03:10 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 05:43 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त06:35 PM
चन्द्रोदय02:38 PM
चन्द्रास्त01:59 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:43 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:08 AM – 04:56 AM
अमृत काल11:13 PM – 12:56 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:22 PM – 04:58 PM
गुलिक काल12:09 PM – 01:45 PM
यमगण्ड08:56 AM – 10:33 AM
वर्ज्यम्01:19 PM – 03:03 PM
दुर्मुहूर्त10:52 AM – 11:43 AM
दुर्मुहूर्त02:18 PM – 03:09 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:44 AM – 07:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:20 AM – 08:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:56 AM – 10:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:33 AM – 12:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:09 PM – 01:45 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:45 PM – 03:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:22 PM – 04:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:58 PM – 06:35 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:35 PM – 07:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:58 PM – 09:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:22 PM – 10:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:45 PM – 12:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:09 AM – 01:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:33 AM – 02:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:56 AM – 04:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:20 AM – 05:44 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle