VedicSpace › पंचांग › तिरुपति › 2026-08-31
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, रेवती नक्षत्र · सोमवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 08:51 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | रेवती · पाद 1 | तक 03:24 AM | मृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख। |
| योग | गण्ड | तक 01:50 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 08:51 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 06:01 AM |
| सूर्यास्त | 06:25 PM |
| चन्द्रोदय | 08:35 PM |
| चन्द्रास्त | 08:24 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | सिंह |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:25 AM – 05:13 AM |
| अमृत काल | 01:03 AM – 02:37 AM |
| राहु काल | 07:34 AM – 09:07 AM |
| गुलिक काल | 01:46 PM – 03:19 PM |
| यमगण्ड | 10:40 AM – 12:13 PM |
| वर्ज्यम् | 03:36 PM – 05:10 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 AM – 12:37 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:06 PM – 03:56 PM |
| अमृत | 06:01 AM – 07:34 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:34 AM – 09:07 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:07 AM – 10:40 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:40 AM – 12:13 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:13 PM – 01:46 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:46 PM – 03:19 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:19 PM – 04:52 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:52 PM – 06:25 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:25 PM – 07:52 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:52 PM – 09:19 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:19 PM – 10:46 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:46 PM – 12:13 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:13 AM – 01:40 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 01:40 AM – 03:07 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:07 AM – 04:34 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:34 AM – 06:01 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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