VedicSpace › पंचांग › तिरुपति › 2026-11-22
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · रविवार · आंध्र प्रदेश (13.6288°, 79.4192°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना तिरुपति (13.6288°, 79.4192°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष त्रयोदशी | तक 02:37 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | रविवार | — | अधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण। |
| नक्षत्र | अश्विनी · पाद 1 | तक 04:15 AM | क्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य। |
| योग | व्यतीपात | तक 11:29 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | कौलव | तक 03:52 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:15 AM |
| सूर्यास्त | 05:42 PM |
| चन्द्रोदय | 03:40 PM |
| चन्द्रास्त | 03:35 AM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:35 AM – 12:21 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:39 AM – 05:27 AM |
| अमृत काल | 09:48 PM – 11:18 PM |
| राहु काल | 04:16 PM – 05:42 PM |
| गुलिक काल | 02:50 PM – 04:16 PM |
| यमगण्ड | 11:58 AM – 01:24 PM |
| वर्ज्यम् | 12:47 AM – 02:16 AM |
| दुर्मुहूर्त | 04:10 PM – 04:56 PM |
| उद्वेग | 06:15 AM – 07:40 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 07:40 AM – 09:06 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:06 AM – 10:32 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 10:32 AM – 11:58 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:58 AM – 01:24 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:24 PM – 02:50 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:50 PM – 04:16 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:16 PM – 05:42 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:42 PM – 07:16 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:16 PM – 08:50 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:50 PM – 10:24 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:24 PM – 11:58 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:58 PM – 01:32 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:32 AM – 03:06 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:06 AM – 04:40 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:40 AM – 06:15 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
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