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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-05-13

टोरंटो पंचांग — 13 मई 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · बुधवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:54 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 01:51 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 3तक 02:47 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगविष्कुम्भतक 11:24 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 03:01 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:54 AM
सूर्यास्त08:34 PM
चन्द्रोदय03:56 AM
चन्द्रास्त04:55 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:18 AM – 05:06 AM
अमृत काल10:08 AM – 11:39 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:14 PM – 03:04 PM
गुलिक काल11:24 AM – 01:14 PM
यमगण्ड07:44 AM – 09:34 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:43 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:48 AM – 10:47 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:54 AM – 07:44 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:44 AM – 09:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:34 AM – 11:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:24 AM – 01:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:14 PM – 03:04 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:04 PM – 04:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:54 PM – 06:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:44 PM – 08:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग08:34 PM – 09:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:44 PM – 10:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:54 PM – 12:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:04 AM – 01:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:14 AM – 02:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:24 AM – 03:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:34 AM – 04:44 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:44 AM – 05:54 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle