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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-05-16

टोरंटो पंचांग — 16 मई 2026

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, भरणी नक्षत्र · शनिवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 04:01 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रभरणी · पाद 4तक 08:00 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशोभनतक 08:45 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणनागतक 04:01 PMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:51 AM
सूर्यास्त08:37 PM
चन्द्रोदय05:18 AM
चन्द्रास्त08:59 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:43 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:15 AM – 05:03 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:32 AM – 11:23 AM
गुलिक काल05:51 AM – 07:41 AM
यमगण्ड03:04 PM – 04:55 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:47 AM – 10:46 AM
दुर्मुहूर्त03:41 PM – 04:40 PM

दिन चौघड़िया

काल05:51 AM – 07:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:41 AM – 09:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:32 AM – 11:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:23 AM – 01:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:14 PM – 03:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:04 PM – 04:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:55 PM – 06:46 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:46 PM – 08:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ08:37 PM – 09:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:46 PM – 10:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:55 PM – 12:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:04 AM – 01:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:14 AM – 02:23 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:23 AM – 03:32 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:32 AM – 04:41 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:41 AM – 05:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle