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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-05-17

टोरंटो पंचांग — 17 मई 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, रोहिणी नक्षत्र · रविवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 12:11 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 1तक 02:02 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगअतिगण्डतक 04:29 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबवतक 12:11 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त08:38 PM
चन्द्रोदय06:01 AM
चन्द्रास्त10:20 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:43 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल11:04 PM – 12:28 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:47 PM – 08:38 PM
गुलिक काल04:56 PM – 06:47 PM
यमगण्ड01:14 PM – 03:05 PM
वर्ज्यम्06:52 PM – 08:16 PM
दुर्मुहूर्त06:39 PM – 07:38 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:50 AM – 07:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:41 AM – 09:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:32 AM – 11:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:23 AM – 01:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:14 PM – 03:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:05 PM – 04:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:56 PM – 06:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:47 PM – 08:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ08:38 PM – 09:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:47 PM – 10:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:56 PM – 12:05 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:05 AM – 01:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:14 AM – 02:23 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:23 AM – 03:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:32 AM – 04:41 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:41 AM – 05:50 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle