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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-08-21

टोरंटो पंचांग — 21 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 02:06 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 1तक 05:19 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 07:48 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणकौलवतक 02:06 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:29 AM
सूर्यास्त08:12 PM
चन्द्रोदय04:30 PM
चन्द्रास्त12:30 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:53 PM – 01:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:53 AM – 05:41 AM
अमृत काल07:55 PM – 09:43 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:37 AM – 01:20 PM
गुलिक काल08:11 AM – 09:54 AM
यमगण्ड04:46 PM – 06:29 PM
वर्ज्यम्09:09 AM – 10:56 AM
दुर्मुहूर्त11:58 AM – 12:53 PM
दुर्मुहूर्त03:37 PM – 04:32 PM

दिन चौघड़िया

चर06:29 AM – 08:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:11 AM – 09:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:54 AM – 11:37 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:37 AM – 01:20 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:20 PM – 03:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:03 PM – 04:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:46 PM – 06:29 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:29 PM – 08:12 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग08:12 PM – 09:29 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:29 PM – 10:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:46 PM – 12:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:03 AM – 01:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:20 AM – 02:37 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:37 AM – 03:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:54 AM – 05:11 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:11 AM – 06:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle