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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-10-27

टोरंटो पंचांग — 27 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, भरणी नक्षत्र · मङ्गलवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 06:37 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रभरणी · पाद 4तक 06:09 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्यतीपाततक 09:48 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 08:06 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:47 AM
सूर्यास्त06:15 PM
चन्द्रोदय06:56 PM
चन्द्रास्त09:42 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:40 PM – 01:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:11 AM – 06:59 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:38 PM – 04:56 PM
गुलिक काल01:01 PM – 02:19 PM
यमगण्ड10:24 AM – 11:42 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:58 AM – 12:40 PM
दुर्मुहूर्त02:45 PM – 03:27 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:47 AM – 09:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:05 AM – 10:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:24 AM – 11:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:42 AM – 01:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:01 PM – 02:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:19 PM – 03:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:38 PM – 04:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:56 PM – 06:15 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:15 PM – 07:56 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:56 PM – 09:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:38 PM – 11:19 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:19 PM – 01:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:01 AM – 02:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:42 AM – 04:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:24 AM – 06:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:05 AM – 07:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle