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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2026-10-29

टोरंटो पंचांग — 29 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · गुरुवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:49 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 12:40 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 1तक 11:34 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगपरिघतक 02:36 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 12:40 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:49 AM
सूर्यास्त06:13 PM
चन्द्रोदय08:47 PM
चन्द्रास्त12:12 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:40 PM – 01:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:13 AM – 07:01 AM
अमृत काल05:21 PM – 06:49 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:19 PM – 03:37 PM
गुलिक काल10:25 AM – 11:43 AM
यमगण्ड07:49 AM – 09:07 AM
वर्ज्यम्08:36 AM – 10:03 AM
दुर्मुहूर्त02:03 PM – 02:45 PM
दुर्मुहूर्त04:49 PM – 05:31 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:49 AM – 09:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:07 AM – 10:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:25 AM – 11:43 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:43 AM – 01:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:01 PM – 02:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:19 PM – 03:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:37 PM – 04:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:55 PM – 06:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:13 PM – 07:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:55 PM – 09:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:37 PM – 11:19 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:19 PM – 01:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:01 AM – 02:43 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:43 AM – 04:25 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:25 AM – 06:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:07 AM – 07:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle