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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-01-14

टोरंटो पंचांग — 14 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · गुरुवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 03:44 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 3तक 12:49 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगपरिघतक 06:52 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 03:42 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:48 AM
सूर्यास्त05:05 PM
चन्द्रोदय10:48 AM
चन्द्रास्त12:12 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:07 PM – 12:45 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:12 AM – 07:00 AM
अमृत काल09:37 AM – 11:17 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:36 PM – 02:45 PM
गुलिक काल10:07 AM – 11:16 AM
यमगण्ड07:48 AM – 08:57 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:22 PM – 01:59 PM
दुर्मुहूर्त03:50 PM – 04:27 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:48 AM – 08:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:57 AM – 10:07 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:07 AM – 11:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:16 AM – 12:26 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:26 PM – 01:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:36 PM – 02:45 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:45 PM – 03:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:55 PM – 05:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:05 PM – 06:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:55 PM – 08:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:45 PM – 10:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:36 PM – 12:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:26 AM – 02:16 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:16 AM – 04:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:07 AM – 05:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:57 AM – 07:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle