VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-05-21

टोरंटो पंचांग — 21 मई 2027

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 07:53 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 1तक 07:20 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशिवतक 12:45 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:53 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त08:42 PM
चन्द्रोदय10:37 PM
चन्द्रास्त05:58 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:44 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM – 04:59 AM
अमृत काल09:35 PM – 11:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:22 AM – 01:14 PM
गुलिक काल07:38 AM – 09:30 AM
यमगण्ड04:58 PM – 06:50 PM
वर्ज्यम्11:11 AM – 12:55 PM
दुर्मुहूर्त11:45 AM – 12:44 PM
दुर्मुहूर्त03:43 PM – 04:43 PM

दिन चौघड़िया

चर05:47 AM – 07:38 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:38 AM – 09:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:30 AM – 11:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:22 AM – 01:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:14 PM – 03:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:06 PM – 04:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:58 PM – 06:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:50 PM – 08:42 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग08:42 PM – 09:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:50 PM – 10:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:58 PM – 12:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:06 AM – 01:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:14 AM – 02:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:22 AM – 03:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:30 AM – 04:38 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:38 AM – 05:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle