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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-05-22

टोरंटो पंचांग — 22 मई 2027

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शनिवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:46 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 09:18 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 4तक 07:20 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 12:58 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 09:18 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:46 AM
सूर्यास्त08:43 PM
चन्द्रोदय11:28 PM
चन्द्रास्त06:47 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:44 PM – 01:44 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:10 AM – 04:58 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:30 AM – 11:22 AM
गुलिक काल05:46 AM – 07:38 AM
यमगण्ड03:06 PM – 04:58 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:45 AM – 10:45 AM
दुर्मुहूर्त03:44 PM – 04:43 PM

दिन चौघड़िया

काल05:46 AM – 07:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:38 AM – 09:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:30 AM – 11:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:22 AM – 01:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:14 PM – 03:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:06 PM – 04:58 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:58 PM – 06:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:50 PM – 08:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ08:43 PM – 09:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:50 PM – 10:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:58 PM – 12:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:06 AM – 01:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:14 AM – 02:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:22 AM – 03:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:30 AM – 04:38 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:38 AM – 05:46 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle