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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-06-02

टोरंटो पंचांग — 2 जून 2027

कृष्ण पक्ष त्रयोदशी तिथि, भरणी नक्षत्र · बुधवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:38 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष त्रयोदशीतक 09:05 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रभरणी · पाद 1तक 01:32 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगशोभनतक 12:29 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 10:07 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:38 AM
सूर्यास्त08:53 PM
चन्द्रोदय03:41 AM
चन्द्रास्त06:48 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:02 AM – 04:50 AM
अमृत काल08:37 PM – 10:08 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:15 PM – 03:09 PM
गुलिक काल11:21 AM – 01:15 PM
यमगण्ड07:32 AM – 09:26 AM
वर्ज्यम्11:32 AM – 01:03 PM
अभिजित मुहूर्त12:45 PM – 01:46 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:42 AM – 10:43 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:38 AM – 07:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:32 AM – 09:26 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:26 AM – 11:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:21 AM – 01:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:15 PM – 03:09 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:09 PM – 05:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:04 PM – 06:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:58 PM – 08:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग08:53 PM – 09:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:58 PM – 11:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:04 PM – 12:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:09 AM – 01:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:15 AM – 02:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:21 AM – 03:26 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:26 AM – 04:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:32 AM – 05:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle