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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-06-03

टोरंटो पंचांग — 3 जून 2027

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · गुरुवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:38 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 06:35 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 1तक 11:44 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगअतिगण्डतक 09:35 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:54 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:38 AM
सूर्यास्त08:54 PM
चन्द्रोदय04:16 AM
चन्द्रास्त08:04 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:45 PM – 01:46 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:02 AM – 04:50 AM
अमृत काल09:09 PM – 10:37 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:10 PM – 05:05 PM
गुलिक काल09:27 AM – 11:21 AM
यमगण्ड05:38 AM – 07:32 AM
वर्ज्यम्12:17 PM – 01:46 PM
दुर्मुहूर्त02:47 PM – 03:48 PM
दुर्मुहूर्त06:51 PM – 07:52 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:38 AM – 07:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:32 AM – 09:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:27 AM – 11:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:21 AM – 01:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:16 PM – 03:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:10 PM – 05:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:05 PM – 06:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:59 PM – 08:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत08:54 PM – 09:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:59 PM – 11:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:05 PM – 12:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:10 AM – 01:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:16 AM – 02:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:21 AM – 03:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:27 AM – 04:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:32 AM – 05:38 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle