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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-10-02

टोरंटो पंचांग — 2 अक्टूबर 2027

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, स्वाती नक्षत्र · शनिवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:16 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 04:39 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 02:33 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवैधृतितक 06:11 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणगरतक 04:39 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:16 AM
सूर्यास्त06:57 PM
चन्द्रोदय10:33 AM
चन्द्रास्त07:49 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:43 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:40 AM – 06:28 AM
अमृत काल07:13 AM – 08:47 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:11 AM – 11:38 AM
गुलिक काल07:16 AM – 08:43 AM
यमगण्ड02:34 PM – 04:01 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:22 AM – 11:09 AM
दुर्मुहूर्त03:03 PM – 03:50 PM

दिन चौघड़िया

काल07:16 AM – 08:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:43 AM – 10:11 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:11 AM – 11:38 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:38 AM – 01:06 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:06 PM – 02:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:34 PM – 04:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:01 PM – 05:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:29 PM – 06:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:57 PM – 08:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:29 PM – 10:01 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:01 PM – 11:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:34 PM – 01:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:06 AM – 02:38 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:38 AM – 04:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:11 AM – 05:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:43 AM – 07:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle