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VedicSpaceपंचांगटोरंटो › 2027-10-03

टोरंटो पंचांग — 3 अक्टूबर 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, विशाखा नक्षत्र · रविवार · ओंटारियो (43.6532°, -79.3832°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना टोरंटो (43.6532°, -79.3832°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 03:58 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रविशाखा · पाद 3तक 02:30 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगप्रीतितक 02:55 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 03:58 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:17 AM
सूर्यास्त06:55 PM
चन्द्रोदय11:46 AM
चन्द्रास्त08:26 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:42 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:41 AM – 06:29 AM
अमृत काल06:55 AM – 08:31 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:27 PM – 06:55 PM
गुलिक काल04:00 PM – 05:27 PM
यमगण्ड01:06 PM – 02:33 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:21 PM – 06:08 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:17 AM – 08:44 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:44 AM – 10:11 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:11 AM – 11:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:38 AM – 01:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:06 PM – 02:33 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:33 PM – 04:00 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:00 PM – 05:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:27 PM – 06:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:55 PM – 08:27 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:27 PM – 10:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:00 PM – 11:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:33 PM – 01:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:06 AM – 02:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:38 AM – 04:11 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:11 AM – 05:44 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:44 AM – 07:17 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle