VedicSpace › पंचांग › वाराणसी › 2026-10-01
कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · गुरुवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष पञ्चमी | तक 12:35 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 4 | तक 06:02 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | सिद्धि | तक 09:18 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 12:35 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:50 AM |
| सूर्यास्त | 05:45 PM |
| चन्द्रोदय | 09:09 PM |
| चन्द्रास्त | 10:24 AM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:23 AM – 12:11 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:14 AM – 05:02 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 01:16 PM – 02:46 PM |
| गुलिक काल | 08:48 AM – 10:18 AM |
| यमगण्ड | 05:50 AM – 07:19 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 12:59 PM – 01:46 PM |
| दुर्मुहूर्त | 04:09 PM – 04:57 PM |
| शुभ | 05:50 AM – 07:19 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:19 AM – 08:48 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:48 AM – 10:18 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:18 AM – 11:47 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:47 AM – 01:16 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:16 PM – 02:46 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:46 PM – 04:15 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:15 PM – 05:45 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:45 PM – 07:15 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:15 PM – 08:46 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:46 PM – 10:16 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:16 PM – 11:47 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:47 PM – 01:18 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:18 AM – 02:48 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:48 AM – 04:19 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:19 AM – 05:50 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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