VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगवाराणसी › 2026-10-02

वाराणसी पंचांग — 2 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · शुक्रवार · उत्तर प्रदेश (25.3176°, 82.9739°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना वाराणसी (25.3176°, 82.9739°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:50 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 10:15 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 1तक 02:55 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगव्यतीपाततक 06:17 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणवणिजतक 10:15 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:50 AM
सूर्यास्त05:44 PM
चन्द्रोदय10:11 PM
चन्द्रास्त11:30 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:23 AM – 12:10 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:14 AM – 05:02 AM
अमृत काल06:30 PM – 08:00 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:17 AM – 11:47 AM
गुलिक काल07:19 AM – 08:48 AM
यमगण्ड02:45 PM – 04:14 PM
वर्ज्यम्09:31 AM – 11:01 AM
दुर्मुहूर्त10:35 AM – 11:23 AM
दुर्मुहूर्त01:46 PM – 02:33 PM

दिन चौघड़िया

चर05:50 AM – 07:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:19 AM – 08:48 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:48 AM – 10:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:17 AM – 11:47 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:47 AM – 01:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:16 PM – 02:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:45 PM – 04:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:14 PM – 05:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:44 PM – 07:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:14 PM – 08:45 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:45 PM – 10:16 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:16 PM – 11:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:47 PM – 01:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:17 AM – 02:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:48 AM – 04:19 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:19 AM – 05:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle